बुधवार, 17 अगस्त 2016

रक्षाबंधन - रक्षा..... सिर्फ अपनी बहन की??????

मित्रों,
रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसे हम मानते तो और त्योहारों की तरह ही हैं ............ लेकिन इस त्यौहार में भावुकता ज्यादा है ..... ऐसा मुझे लगता है. हो सकता है बड़े सारे लोग इसे रस्मी तौर पर मानते हों...... लेकिन मेरे हिसाब से यह एक ऐसा त्यौहार है जो हम दिल से मानते हैं. इस दिन राखी बंधवाते समय प्रत्येक पुरुष अपनी बहन को अत्यंत आत्मीयता से देखता है और उसकी रक्षा करने का मन ही मन संकल्प लेते हुए उसके लिए मंगल कामना करता है.....और प्रत्येक बहन अपने भाई से रक्षा का वचन तो नहीं मांगती लेकिन उसे दुनिया की हर ऊँचाई प्राप्त हो ऐसी ईश्वर से प्रार्थना करती है .....
सचमुच ............. कितना मनोहर दृश्य होता है रक्षाबंधन के समय का ..........
मित्रों, हमेशा ऐसा होता है, कि हमारी इच्छा होती है कि हर एक इंसान हमारी बहन की तरफ सम्मान की दृष्टि से देखे. कभी भी हमारी बहन के साथ कोई भी अशोभनीय व्यवहार न करे. लेकिन क्या हम ये उस समय भी याद रखते हैं जब हम किसी की बहन पर राह चलते टिपण्णी कर रहे होते हैं? जब हम किसी की बहन के कपड़ो को देखकर उस पर छीटाकशी कर रहे होते हैं? किसी अन्य से लड़ाई झगडा करते समय गालियाँ देते हैं? क्या हमने कभी सोचा है की जिसप्रकार हमारी बहन इज्ज़त की हक़दार है वैसे ही हर किसी की बहन को इज्ज़त मिलनी चाहिए?
मित्रों, बेहद ज़रूरी है की हम जिस सम्मान की अपेक्षा अपने और अपने अपनों के लिए करते हैं, वो ही सम्मान दूसरों और उनके उनके अपनों को दें ........
ऐसा नहीं है की जो मैं यहाँ आपको याद दिला रही हूँ वो आपको पता नहीं.... या आप ये सब जानते नहीं.... बेशक आप जानते हैं और आप मुझसे कहीं ज्यादा समझदार भी हो सकते हैं ...... लेकिन मित्रों, जानने और मानने में फर्क होता है...... जो जानते हैं उसे मानिए भी ........... बस इतना निवेदन है कि आज से ये संकल्प लें कि हम ईश्वर की हर संतान का सम्मान करेंगे .......... धन्यवाद
आप सभी को रक्षाबंधन की अनेकानेक शुभकामनाएं 

मंगलवार, 16 अगस्त 2016

शुभ-प्रभात

शुभ-प्रभात मित्रों,
सुबह की चाय के साथ आज अपने जीवन के सबसे खुशनुमा पल याद कीजिये।  यकीनन आपका चेहरा खिल उठेगा और एक प्यारी  मुस्कान आपके चेहरे और मन को तरोताज़ा कर देगी और आप दिनभर तमाम व्यस्तताओं के बावजूद खुश रहेंगे। आप ही क्यों, आपका मुस्कुराता और खिला-खिला चेहरा आपके आस-पास के लोगों को भी नयी स्फूर्ति देगा।
तो चलिए मुस्कुराइये और खुशियाँ लुटाइये।  

शुभ-रात्रि

मित्रों,
कभी सोचा है, जाने-अनजाने, थकान या चिंता या आपा-धापी के चलते, कभी आपने किसी अपने का दिल दुखाया हो और इसी कारण उसने आपसे दूरियां बना ली हों? अगर ऐसा हो तो बिना समय गँवाए दूरियों को मिटाने की पहल करें, एक छोटा सा शब्द 'sorry ' बोलें।   आप देखेंगे कि आपका रिश्ता पहले से भी ज़्यादा मज़बूत हो गया है।
कभी किसी ने ऐसे ही किसी पल में आपका दिल दुखाया हो और आपने उससे दूरियां बना ली हों, तो उस व्यक्ति को 'क्षमा'करें।  रिश्ते को सुधारने की पहल कर के उस व्यक्ति से दिल खोल कर बात करें।  और आप पायेंगे कि आपने अपने साथ-साथ उसके दिल का बोझ भी हल्का कर दिया है।
तात्पर्य ये है कि रिश्ते बेहद मूल्यवान होते हैं, उन्हें सहेज-सम्हाल कर रखें।
शुभ-रात्रि 

खुश रहें और खुश रखें

मित्रों,
क्या  कभी सोचा आपने कि जब कोई आपका या आपके काम का सम्मान नहीं करता तो कहीं न कहीं बुरा ज़रूर लगता है हमें? लेकिन क्या कभी जाने-अनजाने आपने भी तो ऐसा नहीं किया? आपने अपनी माँ के प्यार से बनाए बेसन के लड्डुओं में मीन-मेख निकला हो, अपनी पत्नी की लायी हुई शर्ट को नापसंद कर दिया हो या अपने बच्चे के आपके बर्थडे पर बनाए हुए कार्ड की अनदेखी की हो ? बेशक़ ये आपने जान-बूझ कर नहीं किया होगा, बेशक़ आप अपनी माँ, पत्नी और अपनी संतान से बेहद प्यार करते हैं, लेकिन व्यस्तताओं के चलते ऐसी छोटी-छोटी चीज़ें आपसे भी हुई होंगी। अगर ऐसा है तो अब समय आ गया है कि हम इन बातों पर थोडा ध्यान ज़रूर दें। याद रहे, आपकी दुनिया में बेशक़ बहुत सारे लोग है, लेकिन इन लोगों (आपका परिवार) की दुनिया आप ही के इर्द-गिर्द है। इन्हें नज़र-अंदाज़ न करें नहीं तो कब ये आपकी दुनिया से निकल कर अपनी नयी दुनिया  लेंगे आप जान भी नहीं पायेंगे। और जब आप को  पता चलेगा, तब आप अपनी भीड़ भरी दुनिया में बेहद अकेले होंगे।
खुश रहें और खुश रखें।
शुभ-प्रभात।  

सोमवार, 15 अगस्त 2016

हम सबको स्वतंत्रता की बधाई
कितना सुखद है ....... स्वतंत्रता का उत्सव मनाना......
लेकिन क्या वास्तव में हम स्वतंत्रता का अर्थ जानते हैं ?????????
अपनी स्वतंत्रता के प्रति जागरूक हैं हम ये अच्छी बात है ............. लेकिन क्या हम दूसरों की स्वतंत्रता का भी उतना ही सम्मान करते हैं????
क्या हम सड़क पर कूड़ा डालने, पान की पीक थूकने, राह चलती किसी खूबसूरत महिला को घूरने , आधुनिक कपडे पहनने वाली महिला के संस्कारों पर शक़ करने, लोगो सेे लड़ झगड़ कर उन्हें उनके घर की महिलाओं के नाम की गाली देनेे, ...................... ...... आदि आपत्तिजनक हरकतों के लिए भी स्वतंत्र हैं ?????
अगर हमारी नज़र में येे स्वतंत्रता के मानक हैं...... तो मुझे बेहद अफ़सोस हैै उन महान हस्तियों के लिए जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता के लिए त्याग किये , बलिदान दिए .....................
सोचिये ............... अभी समय है ............. .. हम सुधरेंगे तभी हमारी आगे आने वाली पीढियां भी सुधरेंगी........ तभी सार्थक होंगे बलिदान हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के ........
बहुत ज़रूरी है कि हम अपने पूर्वजो की दी हुई सौगात को सहेजें........... न कि उसका अपमान करें 
जय हिन्द ................. जय भारत 
वन्दे मातरम