मंगलवार, 16 अगस्त 2016

खुश रहें और खुश रखें

मित्रों,
क्या  कभी सोचा आपने कि जब कोई आपका या आपके काम का सम्मान नहीं करता तो कहीं न कहीं बुरा ज़रूर लगता है हमें? लेकिन क्या कभी जाने-अनजाने आपने भी तो ऐसा नहीं किया? आपने अपनी माँ के प्यार से बनाए बेसन के लड्डुओं में मीन-मेख निकला हो, अपनी पत्नी की लायी हुई शर्ट को नापसंद कर दिया हो या अपने बच्चे के आपके बर्थडे पर बनाए हुए कार्ड की अनदेखी की हो ? बेशक़ ये आपने जान-बूझ कर नहीं किया होगा, बेशक़ आप अपनी माँ, पत्नी और अपनी संतान से बेहद प्यार करते हैं, लेकिन व्यस्तताओं के चलते ऐसी छोटी-छोटी चीज़ें आपसे भी हुई होंगी। अगर ऐसा है तो अब समय आ गया है कि हम इन बातों पर थोडा ध्यान ज़रूर दें। याद रहे, आपकी दुनिया में बेशक़ बहुत सारे लोग है, लेकिन इन लोगों (आपका परिवार) की दुनिया आप ही के इर्द-गिर्द है। इन्हें नज़र-अंदाज़ न करें नहीं तो कब ये आपकी दुनिया से निकल कर अपनी नयी दुनिया  लेंगे आप जान भी नहीं पायेंगे। और जब आप को  पता चलेगा, तब आप अपनी भीड़ भरी दुनिया में बेहद अकेले होंगे।
खुश रहें और खुश रखें।
शुभ-प्रभात।  

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