मित्रों,
रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसे हम मानते तो और त्योहारों की तरह ही हैं ............ लेकिन इस त्यौहार में भावुकता ज्यादा है ..... ऐसा मुझे लगता है. हो सकता है बड़े सारे लोग इसे रस्मी तौर पर मानते हों...... लेकिन मेरे हिसाब से यह एक ऐसा त्यौहार है जो हम दिल से मानते हैं. इस दिन राखी बंधवाते समय प्रत्येक पुरुष अपनी बहन को अत्यंत आत्मीयता से देखता है और उसकी रक्षा करने का मन ही मन संकल्प लेते हुए उसके लिए मंगल कामना करता है.....और प्रत्येक बहन अपने भाई से रक्षा का वचन तो नहीं मांगती लेकिन उसे दुनिया की हर ऊँचाई प्राप्त हो ऐसी ईश्वर से प्रार्थना करती है .....
सचमुच ............. कितना मनोहर दृश्य होता है रक्षाबंधन के समय का ..........
मित्रों, हमेशा ऐसा होता है, कि हमारी इच्छा होती है कि हर एक इंसान हमारी बहन की तरफ सम्मान की दृष्टि से देखे. कभी भी हमारी बहन के साथ कोई भी अशोभनीय व्यवहार न करे. लेकिन क्या हम ये उस समय भी याद रखते हैं जब हम किसी की बहन पर राह चलते टिपण्णी कर रहे होते हैं? जब हम किसी की बहन के कपड़ो को देखकर उस पर छीटाकशी कर रहे होते हैं? किसी अन्य से लड़ाई झगडा करते समय गालियाँ देते हैं? क्या हमने कभी सोचा है की जिसप्रकार हमारी बहन इज्ज़त की हक़दार है वैसे ही हर किसी की बहन को इज्ज़त मिलनी चाहिए?
मित्रों, बेहद ज़रूरी है की हम जिस सम्मान की अपेक्षा अपने और अपने अपनों के लिए करते हैं, वो ही सम्मान दूसरों और उनके उनके अपनों को दें ........
ऐसा नहीं है की जो मैं यहाँ आपको याद दिला रही हूँ वो आपको पता नहीं.... या आप ये सब जानते नहीं.... बेशक आप जानते हैं और आप मुझसे कहीं ज्यादा समझदार भी हो सकते हैं ...... लेकिन मित्रों, जानने और मानने में फर्क होता है...... जो जानते हैं उसे मानिए भी ........... बस इतना निवेदन है कि आज से ये संकल्प लें कि हम ईश्वर की हर संतान का सम्मान करेंगे .......... धन्यवाद
आप सभी को रक्षाबंधन की अनेकानेक शुभकामनाएं
रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसे हम मानते तो और त्योहारों की तरह ही हैं ............ लेकिन इस त्यौहार में भावुकता ज्यादा है ..... ऐसा मुझे लगता है. हो सकता है बड़े सारे लोग इसे रस्मी तौर पर मानते हों...... लेकिन मेरे हिसाब से यह एक ऐसा त्यौहार है जो हम दिल से मानते हैं. इस दिन राखी बंधवाते समय प्रत्येक पुरुष अपनी बहन को अत्यंत आत्मीयता से देखता है और उसकी रक्षा करने का मन ही मन संकल्प लेते हुए उसके लिए मंगल कामना करता है.....और प्रत्येक बहन अपने भाई से रक्षा का वचन तो नहीं मांगती लेकिन उसे दुनिया की हर ऊँचाई प्राप्त हो ऐसी ईश्वर से प्रार्थना करती है .....
सचमुच ............. कितना मनोहर दृश्य होता है रक्षाबंधन के समय का ..........
मित्रों, हमेशा ऐसा होता है, कि हमारी इच्छा होती है कि हर एक इंसान हमारी बहन की तरफ सम्मान की दृष्टि से देखे. कभी भी हमारी बहन के साथ कोई भी अशोभनीय व्यवहार न करे. लेकिन क्या हम ये उस समय भी याद रखते हैं जब हम किसी की बहन पर राह चलते टिपण्णी कर रहे होते हैं? जब हम किसी की बहन के कपड़ो को देखकर उस पर छीटाकशी कर रहे होते हैं? किसी अन्य से लड़ाई झगडा करते समय गालियाँ देते हैं? क्या हमने कभी सोचा है की जिसप्रकार हमारी बहन इज्ज़त की हक़दार है वैसे ही हर किसी की बहन को इज्ज़त मिलनी चाहिए?
मित्रों, बेहद ज़रूरी है की हम जिस सम्मान की अपेक्षा अपने और अपने अपनों के लिए करते हैं, वो ही सम्मान दूसरों और उनके उनके अपनों को दें ........
ऐसा नहीं है की जो मैं यहाँ आपको याद दिला रही हूँ वो आपको पता नहीं.... या आप ये सब जानते नहीं.... बेशक आप जानते हैं और आप मुझसे कहीं ज्यादा समझदार भी हो सकते हैं ...... लेकिन मित्रों, जानने और मानने में फर्क होता है...... जो जानते हैं उसे मानिए भी ........... बस इतना निवेदन है कि आज से ये संकल्प लें कि हम ईश्वर की हर संतान का सम्मान करेंगे .......... धन्यवाद
आप सभी को रक्षाबंधन की अनेकानेक शुभकामनाएं
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